से दिन दूर नहि।

से दिन दूर नहिं जे मनुष्यक गर्दनि मेंमजगूत चमौटी पट्टी हो आ अमूर्त कोरोनाक हाथ मे सिक्कड़। एते कतहु ड'र‌ होअय महराज !                                            

गंगेश गुंजन 

[उचितवक्ता डेस्क]

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