।। बट सावित्री ।। मई 27, 2020 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप एक रती बसात तं चाही, पंखे-बीअनिक भने,हल्लुके बसात तं चाही, मोलायम बरसातिक।धधरा ओहिना नै ऊठैत छैक, से जखन उठओ ! 🔥🔥 गंगेश गुंजन [उचितवक्ता डेस्क] टिप्पणियाँ
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