आलोचना मे विशेषणक अनुपात

रचना आ रचनाकार लेल विशेषणक उदारता पूर्ण प्रयोग,आलोचना कें अस्वस्थ आ अविश्वसनीय बना दैत छैक। 

                      गंगेश गुंजन 

                # उचितवक्ता डेस्क।

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