मायावी थिकीह कविता ! जून 18, 2020 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप कविता में तेहन माया छैक जे बड़का-बड़का सं,धनिक सं,नेता तं नेता जे महा नैयायिको सं कविता लिखबा लैए। परन्तु कोनो महाकवि कें नैयायिक बनवा लय आतुर देखा दिअ' तं। गंगेश गुंजन [उचितवक्ता डेस्क] टिप्पणियाँ
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