गुड़ कतेक मीठ से चुट्टी के बूझल छैक

गुड़क माधुर्य मनुक्ख सं बेसी चुट्टी बुझै छैक।
   
                    गंगेश गुंजन
              # उचितवक्ता डेस्क।

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