गाम मे गाम नै रहैए आब ! जुलाई 01, 2020 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप गाम में गाम नहिं रहैये आब। गाछ मे आम नहिं रहैए आब। लोक परदेस मे बिका गेलय कतहु सं दाम टा अबैए आब। गंगेश गुंजन # उचितवक्ता डेस्क। टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें