। पोता-दादा गपशप ।
दादा: कोइली कत' बजैए घर में ?
पोता: कोइली नै दादा जी ह'म-कू-ऊ ऊ---
दादा: मयना घर मे आयल कत' सं
बाजि रहल अछि एहन मधुर ?
पोता: मैना नै दादा जी हम छी।मिसरी लाल
अहांक भुटकुन।
दादा : सूगा-मयना कोइली सबटा एकहि
ठाम आयल कहू कोना ?
पोता : सब टा हमही छी दादा जी,अहीं के
तुतकुन्ना।
दादा: बस्ता खूजल,पिंसिल खसल,
पसरल छैक ककर पोथी ?
पोता: सरिया लै छी दादा एखने ई
सब टा हमरे पोथी ।
दादा: काल्हि कोन दिन हेतै से हमरा के कहत ?
पोता: रवि दादाजी,बौआ भरिदिनअहीं लग रहत।
[ दादा-पोता हंसैत छथि ]
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गंगेश गुंजन। ३०.८.'१५. [#उचितवक्ता डेस्क प्रस्तुति]
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