परस्परवाद।

फेसबुक परस्परवाद का गढ़ हो गया है
आजकल।अभी हाल हाल तक जो परस्पर वाद देश,राजनीति,समाज और साहित्य में ही बोलबाला था।

गंगेश गुंजन।

# उचितवक्ता.

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