वर्तमान सर्वश्रेष्ठ नहिं भ' सकैए।

उत्तम समय वैह थिक जे अपना हाथ मे अछि। किन्तु सर्वोत्तम समय सतत संभावना मे रहैत    छैक‌ जे मनुष्यक चेतना के हरदम उत्कर्षोन्मुख रखैत छैक। उत्कर्षक कोनो सीमा नहिं छैक से मनुष्यक मेधा, उपलब्ध मनीषा एवं समाजक इतिहास कहैए।

    ओना मनुष्यक वर्तमानक अपनहु कोनो सर्वश्रेष्ठ होइत छैक आ भ' सकैत छैक। से मुदा अपन विद्यमान-वर्तमान कालावधिक सीमहि मे। जें कि कोनो वर्तमान कें कालप्रवाहक निरंतरता सं काटि क'असंयुक्त ओ फराक नहिं कयल जा सकैए तें भविष्य।एहि असीम संभावनाक ज्ञानक बीच सर्वोच्चताक निर्णय वर्तमान मे कयल जाएब    हमरा बुझने अवैज्ञानिक निष्कर्ष थिक।

                           गंगेश गुंजन

                      #उचितवक्ताडेस्क


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