बूढ़ हरवाह नवंबर 10, 2020 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप बूढ़ हरवाहखेत बूढ़ नहिं होइत अछि।हरवाह बूढ़ भ' जाइत अछि।रौद,पानि,बसात सेहो कहां होइअय कहियो बूढ़ !बड़द आ मनुष्य बूढ़ भ' जाइए।हरि संसारक मनुक्ख। **** गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क। टिप्पणियाँ
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