मौन व्रतक अधिकारी।

कवि कें मौनव्रतक अधिकार नहिं छैक। तें सभ काल मे बेसी कवि तोतराह होइत छैक। एहने समयक इतिहास सेहो बौक युगक कहाइत छैक। 

         गंगेश गुंजन    #उचितवक्ताडेस्क।

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