असली समाजवाद

 असल समाजवाद मनुष्य पेट में छैक।             मड़ुआ रोटी जाइ कि मालभोग चाउर भात,       मुर्गी पोलाव हो कि गेन्हारी साग पेट मे जाइत   छैक तं पचि क' बराबर एक रंग भ' जाइत छैक।   एकहि रंग रक्त। 

                        गंगेश गुंजन

                     #उचितवक्ताडेस्क।

टिप्पणियाँ