देखैत जयबनि... दिसंबर 14, 2020 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप बाट मे जा रहल हुनको कनिक देखैत जयबनि । अपने लोक बाट मे जनिका छोड़ि क' चलि गेलनि। कतहु बैसल ने होइथ थाकि क' कोनो गाछ तर ।बिलमि क' एकरती हुनको बगलमे बैसि रहबनि। 🌳!🌳 गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क। टिप्पणियाँ
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