🏡 प्रौढ़ बालबोध !
🙋🙆
भोरे भोर किएक ऊठी आब काजे कोनो करी।
टोकनाहर ने मातु-पिता छथि ने इसकूलेकताहरी।
🤸 🤾
गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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