....से तँनहि बूझल अछि मई 11, 2021 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप 🦅 विकल किएक रहैत छी प्रियवर ! सूतैै नै छी दिन भरि राति। मृत्यु कोन क्षण आओत कोन दिन सेहो तँ नहिं बूझल अछि। ! 😊 ! गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क। टिप्पणियाँ
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