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प्रेम
भीजल कागज
कांँच कलम
घरौआ मोसि
जन्मौटी बच्चाक नाभिक नीब
लाल टेस अक्षर !
प्रेमक खिस्सा सब दिन
एहिना लीखल गेल।
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गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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