🌵🌵 मैथिली-नव्यालोचनक समस्या
आब ने जल शुद्ध बाँचल ने दूध। बेचारे
राजहंस-विवेक सँ कोन साहित्यक कथीक
'नीर-क्षीर' आकलन करथु ?
करुणावस्था कें प्राप्त मैथिली-
आलोचकक असल समस्या ई छनि।एम्हर
कवि-लेखक से विचारै लेल किन्नहुँ तैयार
नहिं भ' रहल छथिन।
🌵। ।🌵। ।🌵
#उचितवक्ताडेस्क।
गंगेश गुंजन
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