सूर्य चन्द्र तंँ हमर आकाशक मनेजर छथि।

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   आदि काल सँ आकाशो हमरे
   इलाक़ा अछि।
   पृथ्वी कें बनौने छी हम अपन
   राजधानी।
   बेसी प्रिय धरती तें अपने एतहि
   रहैत छी।
   सूर्य-चन्द्र कें आकाशक द' क'
   मनेजरी।
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                गंगेश गुंजन

           #उचितवक्ताडेस्क।

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