कोरोना काल मे बुद्धिनाथ जी के मेघडम्मर

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            कोरोना काल में :
कवि बुद्धिनाथजीक मेघडम्मर।
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  कवि बुद्धिनाथ जी फेसबुक
  इन्स्टाग्राम पर कय काल मनोरम
  प्रकृति दृश्य फोटो, कोनो कला
  विशेष आ फोटोमय समाचार
  निरन्तर दैतहिं रहैत छथिन। एम्हर
  ओ उपनयन कालक बरुआक
  अनुपम कलात्मक 'मेघडम्मर'
  देलखिन। कतोक गोटय कें उचिते
  बहुते नीक लगलनि।तकर 
  प्रशंसाक बहुत रास संदेश
अयलनि। एक टा संदेश नितान्त
फराक सराहनाक अयलनि।तेहन
जे प्रशंसा छनि कि खुशामद से
महान सँ महान आलोचक बुतें
पर्यंत तय करब कठिन जे ई
प्रशंसाक छनि वा ख़ुशामदक।
एहन कलात्मक मेघडम्मर पर से 
उच्छ्वासपूर्ण संदेश रहनि :
'सर,अपने एक संँ एक कमाल
गीत तँ लीखिए लैत छियै। मुदा ई
बाँस-वृत्तकला मे सेहो एहन
पारंगत छियै से एतेक बर्ख अहाँक
संसर्ग मे रहलौं तथापि हमरा आइ
धरि नहि ज्ञात छल। अपने तँ
अद्भुते छियै सर। युगपुरुष छिऐ।
हमर तँ प्रार्थना जे आब अपने
मेघडम्मरे बनबिऔ। मिथिलाक ई
अमूल्य गृह-कला जे मरि गेल
तकरे जीअबिऔ। आब अपने
मेघडम्मरे बनबिऔ।'
ई संदेशोद्गार बुद्धिनाथ जीक एक  परम प्रिय शिष्यक अयलनिहें।
    ख़बरि चलि रहल अछि जे
बुद्धिनाथ जी अपन प्रिय शिष्यक
आदेशात्मक प्रार्थना पर गंभीरता
सँ विचार क' रहल छथि जे कविता
तंँ पर्याप्त यश,धन द' चुकलीह
आब एही मैथिल  लुप्त कला मे
उद्यम करी।आज्ञाकारी गुरु जकाँ
एतद्विषयक अपन स्वीकृति
आश्वस्ति पत्र शिष्य कें पठबै वला
छथिन। निर्णय कयलनिहें-आब
साहित्य नहिं थोक मे 'मेघडम्मरे-
निर्माण-कला मे यश,धन
कमयताह।
     परन्तु,दोसर सूत्र सँ जे समाचार
आबि रहलय से ई जे एहि प्रकरण
सँ बुद्धिनाथ जी अत्यंत क्षुब्ध क्रुद्ध
छथि आ अपन एहन अपाटक
चेलाक कृत्य पर कपार धयने बैसि
गेलाहय आ अफवाहक मार्जन मे
जे सहज सुलभ अपन समाज
छनि तकरा राजा,राजाक नाक पर
बैसैत माछी ओ स्वामीभक्त
बानरक खिस्सा सुना सुना क'
अपस्याँत छथि।
से एहू दुआरे जे मेघडम्मरक माँग
मे सौंसे मिथिला सँ तावरतोड़ फोन
आबि रहल छनि। सुनल ईहो जा
रहलय जे ओ इन्कमटैक्स वलाक
नोटिसक आशंका सं त्रस्त छथि... 
    एहि प्रकरणक सामाजिक
सहानुभूति आ पत्रकारीय संपर्क
करबाक सब प्रयास मे सब कें यैह
जवाब आबि रहल छैक जे 'एखन
ओ बाथरूम मे छथि' तँ एखने
पूजा पर बैसलाहय'। कउखन जे
राति भोजन काल बिन गनतीए
दीघा मालदह खयना चलिए गेलनि
से विश्राम क' रहल छथि।
     चिन्ता सँ व्याकुल शुभेच्छुकक  
अनुरोध कमला बाढ़ि जकांँ अलगे
 खतराक निशान सँ ऊपर बहि
  रहल छनि... 😂😁😀!!!

         #उचितवक्ताडेस्क।

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