🌊 बैसल ठाम :
व'र-बरिआती वृत्तान्त !
🌼
जीवन मे व'र एक बेर प्रायः सभ
पुरुष बनैए। बरिआती तँ जीवन
भरि बनैत रहैए। नीक लोक दू बेर
व'र नहिं बनैए।यद्यपि समाजी
जीवन मे नीक लोक के बरियाती
बहुत बेर जाय पड़ैत छैक।
एक बेर हमहूँ व'र बनल छी।
तकरा बाद बहुत बेर बरिआती
गेलहुँ। जाइते रहलहुँ।
सभ टा समय होइत छैक।
आइ ने हम वर भ' सकैत छी ने
बरिआती बनय योग्य।
तें हे हमर फेसबुक स्नेही
समाज !
कृपा क' आब हमरा बरिआती
होयबा लय आग्रह जुनि करै
जाइ। आग्रह नै मानब हमरा लेल
बड़ कठिन होइए।से चाहे किनको
हो। आग्रह मानि लैत छी तँ
बरिआती सँ घुरला पर कष्ट भोग'
पड़ि जाइए।
|😂|😀|
#उचितवक्ताडेस्क।
०२.०८.'२१.पा.टि-८.
(गंगेश गुंजन)
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