।। नऽव मनक पुरान हाक्रोस ।।
🏘️||🛖
माँड़ हमरा भाग मे आ भात पर
अधिकार हुनकर
अहांँ चाहैत छी तहू पर करी हम
जयकार हुनकर।
मेह मे घूमैत रहै छी करामे
बान्हल बड़द सन
सुपत कहियो बोनि ने देलक
करी दरबार तिनकर।
इहो अपने छथि ओहो तँ आप्त
संबंधिक भेला जे
अपन पाटी छोड़ि दोसर दलक
पैरवीकार धनगर।
आब कनिको अछि ने अन्तर हो
शहर कि गाम अपने
व्याप्त बैमानी मे कत्तक कम
भ्रष्टाचार किनकर।
बहुत मोश्किल समय अछि
सोझाँक कटने नहिं कटैए
गाँव मे चीन्हब कठिन चेहरा
बँचल चिन्हार किनकर।
*
गंगेश गुंजन,
१६.०९.'२१.
#उचितवक्ताडेस्क।
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