।सत्य आ फूसि।
कोनो मिथ्या निरन्तर दोहरा-तेहरा क' अनेक बेर बाजल जाय तँ कोनो दिन सत्य बुझाय लगैत छैक। तहिना जंँ कोनो सत्य कें बेर-बेर घोषल जाय लागय तंँ ओ झूठ बुझाय' लगैत छैक।
| 🌀|
#उचितवक्ताडेस्क।
गंगेश गुंजन
।सत्य आ फूसि।
कोनो मिथ्या निरन्तर दोहरा-तेहरा क' अनेक बेर बाजल जाय तँ कोनो दिन सत्य बुझाय लगैत छैक। तहिना जंँ कोनो सत्य कें बेर-बेर घोषल जाय लागय तंँ ओ झूठ बुझाय' लगैत छैक।
| 🌀|
#उचितवक्ताडेस्क।
गंगेश गुंजन
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें