खखरी विद्यापति-चर्चा

।। 'विद्यापतिक प्रासंगिकता' चर्चा: ।।              
                    खखरी
     समस्त मिथिला,ओ फ़ेसबुक
     गजबज अछि।
     हमरा बड़ मनोरथ जे क्यो मर्मी
     मैथिल विद्वान,ई विषय बुझा
     सकितथि जे भाषा साहित्य
     समेत एहि जनतंत्र जटिल
     विश्क युग मे 'विद्यापति
     प्रासंगिक कोना रहलाह'?
     निंहेस भाखा,कजरी पड़ल
     खरकट्टल विचार-विवेचना मे
     नहिं,सर्व साधारण लोक कें-
     हमरो बुझबा योग्य।काश !
     पोखरि सँ तुरन्त छानल माछ
     जकाँ छटपटाइत,जीयैत
     संवेदनाक बोलीमे बुझा दितथि
     ...आब,
     प्रो.देवशंकर नवीन,प्रो.कमला
     नन्द,प्रो.पंकज पराशर,प्रो.श्रीधरम् तथा       एहने सम्भव अन्य कतिपय हमर 

    अपरिचित नव चिन्तक मे उमेद अंँटकल अछि...

                    | 🛖 |
                 गंगेश गुंजन
              #उचितवक्ताडेस्क।

टिप्पणियाँ