प्राकृतिक मर्यादा आ मनुष्य दिसंबर 03, 2021 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप | 🌘 | यावत धरि राखऽ आयल मनुक्ख कें प्रकृतिक मर्यादा। गंगा गंगे रहली तावत् यमुना यमुने बहैत छली। ! 🌿! गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क टिप्पणियाँ
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