🏡 उपाय कोन ?
घ'र मे नेना भुटका नहिं हो तँ
गृहिणी की करतीह? आब एही
रूपाकार आ बगाय क तिलबा-
चिलौड़ बनौतीह ने ! हमर सरिता
जीकें सेहो यैह ब्यौंत कर'पड़लनि।
आब एहू मास मे तिलबा चिल्लौड़
नहिं बनतै से कोना हुअय?
ताइ दिन माय टेढ़ो टूढ़ गोल
बना क' नेना के हा मे धरा देथिन
आ कहथिन -'एकरा लोकैत रहू
जाबत काल चिल्लौड़ ख़ूब सक्कत
सुन्नर आ गोल ने भ' जाय !'
ऐ इंतिजाम मे माय-पितिआइन
कें एकहि संगे दू टा समाधान भ'
जाइन। पहिल तंँ,जे एतबा काल बच्चा चैन मैन रहत। व्यस्त रहते तँ
लंङ्गो-चङ्गो नै करत आ दोसर ई
लोकैक खेलमे एतेक रास चिल्लौड़
बनि क' तैयार भ' जाइ ! से तेहन
तैयार जे कय काल ओ चिल्लौड़
लोढ़ी सँ फोड़ऽ पड़ै!😆। आ
कुटमैती सँ भार-चङ्गेरा मे आयल
तकर व्यापकताक बड़ प्रशंसा
होइक।
हमर माँ हमरा उपद्रव संँ रोकै
लय यैह युक्ति करय। हमरो अपन
ऊँच-ऊंँच कुदबैत चिल्लौड़ लोकै
मे बड़ मजा आबय।माँके बूझल
रहै ई बात। बेटाक स्वभाव कतहु
माय कें नहिं बूझल रहतै !
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#उचितवक्ताडेस्क। गंगेश गुंजन
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