'फेसबुक दलान'
*
दु:खी छी जे आइ रवि,३०जनवरी, '२२,साँझ सात बजे अप्रत्याशित कारणें फेसबुक दलान हम पर नहिं आबि सकब ।स्वाभाविक जे पूर्व घोषित पुस्तक चर्चा सेहो सम्भव नहिं हयत।
सादर,सस्नेह-
!🙏!
#उचितवक्ताडेस्क। गंगेश गुंजन
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें