कविता : बैरोमीटर मई 12, 2022 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप कविता : बैरोमीटरसुन्दर कविता मनुष्यक मनक बैरोमीटर होइत अछि। हरदम सत्ताक रडार पर रहैए। 🌓 गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क। टिप्पणियाँ
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