दु:ख आ दुःख मई 06, 2022 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप स्वाभिमानी दु:ख मनुष्य कें दयनीय नहिं होअऽ दैत छैक। अभिमानी दु:ख दयनीय बना दैत छैक। 🌖 #उचितवक्ताडेस्क। गंगेश गुंजन टिप्पणियाँ
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