🙏!🙏
''जीयैत मे गूंँहा भत्ता आ मुइला
पर दूधा भत्ता ''
यावत् धरि समाज मे ई कहबी
नहि समाप्त हयत तावत् धरि
'मातृ-पितृभक्ति-दिवस' सेहो
एक टा अओर नऽव कर्मकाण्ड
छोड़ि आर किछु नहिं थीक।
जीवन पहिनहिं सँ कतोक व्यर्थक
रीति-रेवाज सब सँ बोझायल उनार भेल अछि।
||🌵|| गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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