। पुरस्कार-विवाद स्थायी भाव भ' गेलय।

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। पुरस्कार-विवाद स्थायी भाव भ' गेलय। 💐
  साहित्यिक पुरस्कार आ सम्मान
विवादक एक्टिविस्ट लोकनिक क्षोभ आ क्रोध कुंठाक आक्रोशक टिप्पणी सभ क' पढ़ि क' कखनो काल ई आभास होइत  छैक जे साहित्य अकादेमी पुरस्कार ल' क'
कविवर सुमन,मधुप,यात्री जी सँ ल' क' मणिपद्म,सोमदेव-गंगेश गुंजन आदि धरि बड़का अपराधी छथि।
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         #उचितवक्ताडेस्क। 

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