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ख़ास किछु काज नहि,
दिन भरि आराम बेश लगैये।
किछु बेगर्ता नहिं अनिद्रा-
रातिक विश्राम बड़ खलैये।
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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