|| लोक नटकिया ||
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राजनीति सँ राजनीतिक कमाल
देखू
देशवासी देश भरिक फिलहाल
देखू।
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काते कात चलाकी सँ सुरक्षित
रहबाक
उद्यम नेता प्रबुद्धक कौशल कमाल
देखू।
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दिन देखार सूर्यक प्रकाश मे
स्वच्छन्द
अपराधक पसरल सब संजाल
देखू।
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रोटी लय गहुमे नहिं आगि पानि
चाही
चढ़ैत रोज़ महगी सँ लोक बेहाल
देखू।
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मिथ्या तँ पाग पहिर माथ ऊँच
कयने अछि
सत्य लँगोटा पहिरि ठाढ़,करुण
हाल देखू।
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राजा केर गद्दी लय युद्ध-काल
सरंजामक
लोकतंत्रक प्राँगण मे पार्टिक
धमाल देखू।
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नानाविधि समस्या आ
जनसाधारण लोकक
दीन हीन भेल सभ कें जानक
जपाल देखू।
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गंगेश गुंजन,
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