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रूपे आ काया टा नहिं सब
किछु होइत अछि
हृदयक आन्दोलन कें अयना
देखा सकैए।
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…. डॉक्टर नै दोस्त लग जाउ
एकदम चैन सँ बैसल सूतल रहितहुँ जखन घरे मे लगातार बुझाय लागय जेना अहाँ कतेको कोस सँ पयरे चलि क' आयल छी आ देह मोन संँ असोथकित दुखित पड़ि गेलौहें तँ कोनो डॉक्टर नहिं,दोस्त लग जाउ।
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गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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