°°° लिखल-पढ़ल
चेन्ह-संकेत समेत
लीखल-पढ़ल वस्तु सभक
दस्तावेज हमहूंँ राखि जाय चाहैत
छी
अनमन तहिना जेना
नैहर जाइत काल स्त्री,
पुरुष के बुझा क' जाइत छैक-
राखल सभ टा व्यवहारक वस्तु
ओ स्थान,कुंँजीक झाबा आ
नीक जकाँ रखै लय
अपना स्वास्थ्य पर ध्यान।
*
[कवि राजकमल चौधरी जी कें अर्पित]
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
(पुनर्प्रस्तुति)
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