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वर्तमान
🏔️
स्मृति
जोड़न जकाँ
होइत अछि जे
पौर क' पूरा वर्तमान के
दही बना देत।
कउखन,
ओरिका सँ औँट-औंट क'
खोवा क' दैत अछि।
फटाओन तथापि नहिं करत-
स्मृति !
*
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
( पुनर्प्रेषित)
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