भाषा - प्रवास
विद्यापति जखन घर मे नहिं अँटलाह तँ बाहर भ' गेलाह।प्रवास मे जीऐत रहलाह। विस्मय नहिं जँ एहिना कोनो दिन मैथिली सेहो मैथिल घर-आँगन मे नहिं अँटि पाबथि आ छोड़ि क' चलि जाइथ कतहु।
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
भाषा - प्रवास
विद्यापति जखन घर मे नहिं अँटलाह तँ बाहर भ' गेलाह।प्रवास मे जीऐत रहलाह। विस्मय नहिं जँ एहिना कोनो दिन मैथिली सेहो मैथिल घर-आँगन मे नहिं अँटि पाबथि आ छोड़ि क' चलि जाइथ कतहु।
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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