🌗 । ग़ज़लसन ।
एना किए अगुताएल दिन
जल्दी जल्दी पड़ाएल दिन।
बड़ बेशी अछि डरायल दिन
जा क' कतहु नुकायल दिन।
अपराधी तँ पुरुष समाज
स्त्री भे'ल लजायल दिन।
काली दुर्गा शक्तिक हाथ
रहइत कुना डराएल दिन।
रक्षक शिशु संसारक जे
अपन बेर बिसराएल दिन।
कुत्सित कर्म दोख मनुखक
लाजें अछि कठुआयल दिन।
रातिक आँचर पोछय आब
आँखि लाल तमसाएल दिन।
🌺
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क। १०अगस्त,२०२३.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें