❄️❄️❄️। ग़ज़लसन ।❄️❄️❄️
छोटो छिन जे बात करब
स्वच्छ हृदय संँ साफ़ करब।
कुटिचालिक दुनिया दारी
स्नेहो भ' गेल माफ़ करब।
कहि क' तँ आबय सब यैह
हम सब सुथरे साफ़ करब।
बात न हो घोंकचल म'नक
मुक्त बुद्धि हो, माफ़ करब।
कोनहुंँ राजा बजितय जे
हम सबहक इन्साफ़ करब।
। 🌸।
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
रचना : फरवरी-२०२३.
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