|| लेखक आलोचक पाठक ||
आलोचक कोनो कृति वा कवि/लेखक कें अपना आकलन ओ स्थापनाक दुर्ग मे राजा जकाँ सिंहासन पर स्थापित क' दैत छैक।
पाठक ओही कृति/कवि केँ पढ़ि-गुनि क' सहृदयता सँ गाम मे आनि स्वच्छन्द क' दैत छैक।
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गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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