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परिपाटी : नवीनताक हैलिपैड!
कोनहुँ नवीनता अपन प्राप्त परिपाटीक पीठे पर जन्मैत अछि। भने ओ गगनचुम्बी बनि जाव किन्तु उड़ान धरि,कोनो न कोनो परिपाटीएक हैलिपैड सँ लैत अछि।
कालान्तर मे सब नवीनताक नियति अंततः साधारणते छैक ।
🌈|| गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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