🌊 कुकूरक स’ख !
एक टा पैघ धनीकक दुलारु बेटीक माय अपना स्वामी कें जेना कलपि क' कहलखिन :
: ‘सुनै छी ?’
पति : ‘कहू।’
माय : 'सुनयना कें कुकूर पोसैक बड़ स’ख होइ छनि। नीक सन एक टा आनि दितिअनि।'
पिता: 'ठीक छै।बियाह करा दै छिअनि।’
निर्विकार भाव सँ हुनका आश्वस्त करैत कन्याक पिता-गृहस्वामी कहलथिन आ एखबार पढ़' लगलाह।
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नोट:
बहुत धनिको सब बेस लोक होइत रहथि।
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गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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