📕 विद्यापतिक मनुष्य!
विद्यापति कवि छलाह,विद्वान पण्डित छलाह,मातृभाषा मैथिली प्रेमी छलाह,शिव गंगाक परम सिद्ध भक्त छलाह इत्यादिक
विचार तँ पर्याप्त भेलय मुदा
'विद्यापति लोक केहन छलाह? '
साधारण जन कें इहो जिज्ञासा रहैत छैक। बेसी काल ई जानऽ चाहैए जे ओ मनुष्य केहन रहथि?
एहू विषय पर संभव जे किछु अनुसंधान भेल होइ। सामान्य पाठक कें बूझल नहिं छैक।
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गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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