मातृ दिवस : कैलेण्डर !

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  बृद्धाश्रम सँ मन नहिं भरलनि तँ पुत्र-पुत्री लोकनि माय केँ अपन-अपन फेसबुक- व्हाट्सएप पर कैलेण्डर बना लेलनि।सब नहिं। बेसी गोटय।      
     माफ़ी चाहैए-ई एक गोटय 🙏।                          गंगेश गुंजन 
          #उचितवक्ताडेस्क।

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