🔥🔥
बाँग्ला देश कि हमरे गामक टोल थिक ?
••
आगिक ऊँच ऊंँच लपकि-धधकि रहल,
प्रज्वलित बाँग्ला देश कें देखि क’
सद्य: बुझा रहलय जेना सोझाँ हो
अपने गामक पुबारि टोल मे अगिलाग्गी
भ’ गेल हो,घर सब जरि क’
भस्म भ’ रहल हो ! बाल बृद्ध स्त्री समूह
आर्त नाद क’ रहल
सुनि रहल छी
कत’ कहांँ ओ असुरक्षित टोलक
निरीह लोक समाजक करुणान्त हाहाकार !
आब तँ ई दुनियाँ गामो जकाँ नहिं,
भरि संसार देश गामक कोनो टोल जकाँ बनि गेलय। एक टोल मे अगराही लागल अछि,
बसात संगे उधिया क’ कुकराहा कहीँ
हमर प्रिय पड़ोसिया लग पास गाम -खोढ़ि-परिहार पुर वा राघोपुर-बलाट धरिक खढ़क घर सब पर ने खसय …। सुड्डाह ने कर’ लागय !
एना ई अशुभ आशंका,
अनेरे नहिं अछि हमर
|🔥|
गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें