▪️ पौती स’ब लग छै !
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रैक मे राखल पोथी उतारि क’ पढ़ि लै जकाँ इच्छाअनुसार अपन कोनो विशेष सुख कें स्वादल नहिं जा सकैए।एक समय जीवन मे मामूली सन लागल सुख भविष्य मे,एहन अनमोल भ’ जाइत छैक से यदि मनुष्य कें पहिने सँ बूझल रहितैक तंँ जीवन जीऐक दिशा-दशा किछु अओरे भेल करितैक। 🌀
गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे.
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