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ओना तँ कोनो साहित्य पुरस्कारक कारण सँ आइ धरि प्रायः भेलैए नहिं किन्तु जे वातावरण लगैए,आब 'साहित्य अकादेमी पुरस्कार' लय कहीं गृहयुद्ध ने शुरू भ’ जाय।।
'अपने कें की बुझाइए ?'
ई शुभचिन्ता हमरा एक टा अज्ञात भाषा- संस्कृति सेनानी फ़ोन पर प्रकट करैत पुछलनि। हम निरुत्तर ।
(बाँचल खूचल फगुआ रंग।)
गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे.
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