बात छैक जे...

🌱🌱      बात छैक जे...
                     🪴 
     दोस्ती वा प्रेम कें कोनो नवगछुली जकाँ काँट सँ बेढ़ि क' बचाओल आ बढ़ाओल नहिं जा सकैए।किन्तु बहुत रास सामाजिक सम्बन्धक रक्षा लेल एहन कोनो घेर-बेढ़ आवश्यक रहैत छैक। तथापि हम,
  धर्म इत्यादि पर नहिं कहलौंहें।
                       🌵🌵  
                    गंगेश गुंजन 
                  #उचितवक्ताडे.

टिप्पणियाँ