🛖 बात छैक जे…
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बेसी वृद्ध जन अपन आयुक्षीण होयबाक वा कोनहुँ रोगक प्राकृतिक कारणसँ ओतेक नहिं मरैत छथि जतेक अपने आत्मदयाक भार तर दबा क’ मरि रहल छथि ! 🍂🍂 गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे.
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