🍂🍂 बात छैक जे…
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आंँगन नीपक नूर बना सकितौं चेथरी अतीत सब टा जँ,गोट-गोट क’ सबटा कथा बिसरि जयतौं हम अजुके राति।
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नऽव कोनो बाजी खेलाय से आब न अछि उत्साह कोनो।बेसी तँ हारल बाजी सब तकरे बिसरै मे लागल छी।
▪️ गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क.
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