दुपंतिया : दुःख सुखक कुश्ती अप्रैल 07, 2026 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप जखन-जखन सुख आँखि गुरेड़ै छै दुःख कें दुःख तखने-तखने थोपड़बै छै सुख कें। 📘 #गंगेश गुंजन। उचितवक्ताडेस्क। टिप्पणियाँ
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